यमन के प्रदर्शनों में सैकड़ों घायल

यमन में राष्ट्रपति सालेह के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में सैकड़ों घायल
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यमन में राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह को हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

लाल सागर के किनारे बसे हुदइदा शहर में जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के महल की ओर मार्च करने की कोशिश की तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और गोलियां चलाईं के जिसमें सैकड़ों लोग घायल हो गए.

ऐसी ख़बरें हैं कि इमारतों की छतों पर तैनात निशानेबाज़ों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं.

इसी तरह की रैली रविवार को तआज़ शहर में निकाली गई थी जिसमें कम से कम दस लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे.

युवा संगठनों ने कहा है कि वो सरकार विरोधी अभियान तेज़ करेंगे. उन्होने पूरे देश में नागरिक अवज्ञा अभियान चलाने का आह्वान किया है.

तआज़ शहर में इसकी शुरुआत हो चुकी है जहां स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होने प्रदर्शनकारियों के साथ एकात्मता दिखाने के लिए दूकानें बंद रखीं.

राष्ट्रपति पर दबाव

राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह पर भारी दबाव है. उनके कई सहयोगी साथ छोड़ गए हैं, सेना में भी विभाजन हो गया है, देश के कई हिस्सों पर से सरकारी नियंत्रण समाप्त हो गया है और अर्थव्यवस्था चरमरा गई है.

फिर भी राष्ट्रपति अड़े हुए हैं. उन्होने शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण के विपक्ष के नवीनतम प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है और कहा है कि वो सांविधानिक सत्ता हस्तांतरण पर तभी बात करेंगे जब प्रदर्शन ख़त्म हो जाएंगे.

रविवार को खाड़ी के देशों के विदेशमंत्रियों ने एक वक्तव्य जारी करके यमन में हो रही हिंसा पर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि वो दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करेंगे लेकिन यमन में ये सवाल उठाया जा रहा है कि उन्हे इसमें इतना वक़्त क्यों लग रहा है.

राजधानी सना में बहुत से युवा ये भी पूछ रहे हैं कि अमरीका ने ट्यूनीशिया, लीबिया और मिस्र में तो प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया लेकिन वो राष्ट्रपति सालेह पर सत्ता छोड़ने का दबाव क्यों नहीं डाल रहा.

अमरीका और ब्रिटेन को चिंता है कि राष्ट्रपति सालेह की सरकार गिरने से कहीं अल-क़ायदा के हाथ मज़बूत न हों जो पहले से यमन में सक्रिय हैं.

लेकिन अब कई पश्चिमी देशों के राजनयिक कह रहे हैं कि वो सत्ता हस्तान्तरण का दबाव डाल रहे हैं और राष्ट्रपति सालेह को यमन में स्थिरता बनाए रखने के लिए ज़रूरी नहीं समझते.