सीरिया: 'प्रदर्शनकारियों के गढ़' में घुसी सेना

पाँच सप्ताह पूर्व डेरा से विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी.
इमेज कैप्शन, पाँच सप्ताह पूर्व डेरा से विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी.
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सीरियाई सेना ने दक्षिणी नगर डैरा पर हमले की शुरूआत कर दी है. पाँच सप्ताह पूर्व इसी शहर से विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी.

शहर में रहने वाले लोगों का कहना है कि सीरियाई सैनिक और टैंक शहर में घुस गए हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद से सीरिया में 300 से आधिक लोग मारे जा चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय संवाददाताओं को सीरिया में घुसने की अनुमति नहीं दी जी रही है.

डैरा से ख़बरें आ रहीं हैं कि सरकार की ओर से अपनी ताक़त को पुनर्स्थापित किए जाने की कोशिशों के बीच वहाँ ज़बरदस्त गोलीबारी हो रही है.

हाल के दिनों में विपक्षी कार्यकर्ता डैरा को 'मुक्त क्षेत्र' कहते रहे हैं. शनिवार को दो साँसदों और एक स्थानीय धार्मिक नेता ने प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के विरोध में इस्तीफ़ा दे दिया था.

वहाँ सैनिक भेज कर सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह दोबारा इस नगर पर नियंत्रण पाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक सकती है. सीरिया के दूसरे इलाकों में वर्दीधारी और सादे कपड़ों में सशस्त्र सैनिक शहरों ओर कस्बों में गश्त लगा रहे हैं.

पिछले सप्ताह प्रदर्शनकारियों को शांत करने के प्रयास में सरकार ने आपातकाल हटाने की घोषणा की थी, लेकिन इससे प्रदर्शन रुके नहीं और उसके बाद से ही सरकार प्रदर्शनकारियों की ज़्यादा आज़ादी की माँग को कुचलने के लिए ताकत का इस्तेमाल कर रही है.