सीरियाई राजदूत का न्यौता वापस

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ब्रिटेन ने सीरिया के राजदूत को प्रिंस विलियम और केट मिडलटन की शादी के लिए दिया गया न्यौता वापस ले लिया है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये फ़ैसला सीरिया में इस सप्ताह आम लोगों पर सुरक्षाबलों के हमले को देखते हुए लिया गया है.
प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने ये निर्णय लिया कि विवाह समारोह में सीरियाई राजदूत का उपस्थित रहना स्वीकार्य नहीं होगा.
प्रवक्ता के अनुसार राजनिवास बकिंघम पैलेस ने ब्रिटिश विदेश मंत्री के मत से सहमति जताई.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे देशों के प्रतिनिधियों को शादी में आमंत्रित किया गया है जिनके साथ ब्रिटेन के कूटनीतिक संबंध सामान्य हैं मगर इस निमंत्रण को ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए कि इससे ब्रिटेन उस देश के बर्ताव से सहमत है.
अतिथि सूची
शाही शादी में आमंत्रित अतिथियों की सूची को देखकर पहले से ही कुछ हैरानी जताई जा रही थी.
सूची में लेबर पार्टी के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों – टोनी ब्लेयर और गोर्डन ब्राउन – का नाम नहीं है जबकि कंज़र्वेटिव पार्टी के एक पूर्व प्रधानमंत्री जॉन मेजर का नाम शामिल है.
दो देशों – स्वाज़ीलैंड के राजा और बहरीन के युवराज – को बुलाने के फ़ैसले की भी आलोचना हो रही थी जिन्होंने अपने देशों में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का दमन करने की कोशिश की.
आपत्तियों को देखते हुए इस सप्ताहांत दोनों प्रतिनिधियों ने स्वयं ही ये कहते हुए आने से मना कर दिया ताकि आयोजन में खलल ना पड़े.
इसके बाद सीरियाई राजदूत को बुलाने को लेकर भी आपत्तियाँ जताई जाने लगीं और बुधवार को ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने राजदूत को बुलाकर उन्हें सीरिया की घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं से अवगत भी कराया था.

























