फ़लस्तीनी स्पीकर इसराइल की हिरासत में

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इसराइल की सीमा सुरक्षा बल ने इसकी पुष्टि की है कि उन्होंने एक वरिष्ठ हमास नेता को चरमपंथी गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया है.
गिरफ़्तार किए गए नेता फ़लस्तीनी संसद के स्पीकर डॉ. अब्दुल अज़ीज़ अदवेक हैं.
हमास अधिकारियों का कहना है कि डॉ. अदवेक की कार को पश्चिमी तट की एक जाँच चौकी पर रोककर उन्हें हिरासत में लिया गया.
इसके अलावा दोनों पक्षों की ओर से अभी और कोई विवरण नहीं दिए गए हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अदवेक एक प्रभावशाली नेता हैं और उनको हिरासत में लिए जाने को इसराइल की ओर से भड़काने वाली कार्रवाई के रूप में देखा जाएगा.
उनका कहना है कि इसे इस बात के सबूत के रूप में भी देखा जाएगा कि इसराइल की ओर से वरिष्ठ फ़लस्तीनी नेताओं की गतिविधियों पर रोक लगाई जा रही है.
वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता
डॉ अदवेक फ़लस्तीनी संसद या फ़लस्तीनी विधान परिषद के स्पीकर हैं.
समाचार एजेंसियों का कहना है कि उनको रामाला और यरुशलम के बीच जाबा में हिरासत में लिया गया है.

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प्रत्यक्षदर्शियों ने फ़लस्तीनी समाचार एजेंसी मान को बताया कि इसराइली सैनिकों ने डॉ अदवेक को हथकड़ी पहनाई फिर उनकी आँखों पर पट्टी बाँधी और फिर उन्हें अज्ञात स्थान की ओर ले गए.
डॉ अदवेक इस्लामिक संगठन हमास के सदस्य हैं, जो फ़लस्तीनी इलाक़े गज़ा पर शासन करता है. हालांकि उसका आधार पश्चिमी तट में है.
वर्ष 2007 में, जब से प्रतिद्वंद्वी गुट फ़तह से हमास ने गज़ा का नियंत्रण छीना है, फ़लस्तीनी संसद की कोई बैठक नहीं हुई है.
पश्चिमी देश फ़तह गुट को मान्यता देते हैं और वह पश्चिमी तट के इलाक़े पर नियंत्रण करता है.
डॉ अदवेक की गिरफ़्तारी ऐसे समय में हुई है जब इसराइल और गज़ा के बीच एक बार फिर तनाव का माहौल है.
बुधवार को ही इसराइली विमानों ने गज़ा में हमले किए थे और सीमा के दोनों ओर सैनिकों ने एक दूसरे पर गोलीबारी की थी.
इससे पहले मई में भी डॉ. अदवेक को तीन हमास सांसदों के साथ एक जाँच चौकी पर गिरफ़्तार किया गया था लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था.
विश्लेषकों का कहना है कि 132 सदस्यों वाली फ़लस्तीनी संसद में हमास के 74 सदस्य हैं, जिसमें से क़रीब 20 सांसदों को इसराइल ने गिरफ़्तार कर रखा है.
पिछले महीने ही एक इसराइली सैनिक गिलाद शालित की रिहाई के बदले इसराइल ने 550 फ़लस्तीनी लोगों को जेल से रिहा किया था.
इसराइल, अमरीका और यूरोपीय संघ हमास को चरमपंथी गुट मानते हैं क्योंकि वह इसराइल के ख़िलाफ़ हिंसा बंद नहीं करता और इसराइल को मान्यता देने से इनकार करता है.

























