पाकिस्तान में बिजली संकट चरम पर

पाकिस्तान में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है. बिजली का संकट भी बढ़ रहा है और देश को हर दिन छह हज़ार मेगावॉट की कमी का सामना करना पड़ रहा है.
देश के विभिन्न शहरों और कस्बों में कई घंटों की लोडशेडिंग की जा रही है जिससे आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
बिजली प्रदान करने वाली संस्था पाकिस्तान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी यानी पेपको के अनुसार पाकिस्तान में बिजली का उत्पादन घट कर प्रतिदिन 10 हज़ार मेगावॉट रह गया है जबकि बिजली की मांग 16 हज़ार मेगावॉट तक पहुँच चुकी है.
पेपको के वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि इस समय पाकिस्तान में छह हज़ार मेगावॉट बिजली की कमी है.
पेपको के मुताबिक़ उस के पास तेल ख़रीदने के लिए धन नहीं है. इसकी वजह से देश के विभिन्न शहरों में करीब 10 ग्रिड स्टेशन बंद हैं.
राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने इस संकट को देखते हुए वित्त मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह पेपको को तेल ख़रीदने के लिए तुरंत पैसा दें.
इस से पहले प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि बिजली बहुत बड़ी समस्या है जिससे देश का उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने कहा कि देश में बिजली की कमी को पूरा करने और उत्पादन बढ़ाने केलिए नई परियोजनाओं पर काम हो रहा है.
बिजली के उत्पादन में कमी के कारण लोडशेडिंग की अवधि भी बढ़ गई है. शहरों में 10 से 12 घंटे जबकि ग्रामीण इलाक़ों में 16 घंटों की लोडशेडिंग की जा रही है.

























