बर्मा में उप-चुनाव परिवर्तन की परीक्षा: संयुक्त राष्ट्र दूत

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संयुक्त राष्ट्र के एक दूत ने कहा है कि बर्मा में होने वाले उप चुनाव देश में बदलाव लाने के लिए सेना की प्रतिबद्धता की परीक्षा है.

तोमास ओजिया क्वींटाना का कहना है कि पिछले साल अगस्त में उनके बर्मा दौरे के बाद से सरकार की ओर लाई गयी सुधार योजनाओं का वो स्वागत करते है लेकिन गंभीर आरोप बरक़रार है.

उन्होंने रंगून में पत्रकारों से कहा कि अप्रैल में होने वाले चुनाव निष्पक्ष और साफ़ सुथरे होने चाहिए.

बर्मा की प्रजातंत्र समर्थक नेता आंग सान सूची भी रंगून से सटे एक इलाक़े से चुनाव लड़ने वाली है.