चेहरा दिखाकर होगी ऑनलाइन ख़रीद

सेल्फ़ी
    • Author, क्रिस फॉक्स
    • पदनाम, टेक्नॉलॉजी रिपोर्टर
  • प्रकाशित

मास्टरकार्ड एक ऐसा एप्लीकेशन तैयार कर रहा है जो चेहरे की पहचान पुख़्ता करने के बाद ऑनलाइन ख़रीद की पुष्टि करेगा.

इस एप्लीकेशन का ट्रायल कर रहे यूज़र फ़ोन को ऐसे पकड़ सकते हैं जैसे सेल्फ़ी ले रहे हों.

मास्टरकार्ड के सुरक्षा विशेषज्ञ अजय भल्ला ने सीएनएन से कहा कि सेल्फ़ी का इस्तेमाल करने वाली नई पीढ़ी को यह ऐप अच्छी लगेगी.

एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने बीबीसी से कहा कि चेहरे की पहचान के साथ-साथ सुरक्षा के और इंतजाम भी किए जाने चाहिए.

मास्टरकार्ड

खामियां

पेन टेस्ट पार्टनर्स के सुरक्षा विशेषज्ञ केन मुनरो का कहना है कि गूगल पहले ही फ़ेसियल रिकॉग्निशन तकनीक को एंड्रॉयड फ़ोन में इस्तेमाल कर चुका है लेकिन इसमें कई समस्याएं आईं थीं.

उन्होंने कहा, "लोगों को लगता है कि कैमरा के सामने किसी का फोटो रखकर फ़ोन खुल जाएगा."

गूगल भी यह मानता है कि उसका फ़ेसियल रिकॉग्निशन लॉक पैटर्न लॉक या पिन कोड के मुक़ाबले कम सुरक्षित है.

मास्टरकार्ड का ऐप्लीकेशन यूज़र से कैमरा के सामने आँख मारने के लिए कहता है ताक़ि यह पुष्टि की जा सके कि वास्तव में आप ही ऐप्लीकेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

लेकिन इस तरीक़े को भी धोखा दिया जा चुका है.

मुनरो का कहना है कि लोगों ने तस्वीरें ली और उनमें एनीमेशन जोड़ दिया.

अजय भल्ला

तीन अरब लेन-देन

मास्टरकार्ड सुरक्षित कोड (सेक्यूर कोड) के विकल्प के तौर पर फ़ेसियल रिकॉग्निशन के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रहा है.

कंपनी का कहना है कि उसकी सेक्यूर कोड तकनीक का इस्तेमाल पिछले साल तीन अरब ट्रांजेक्शन करने के लिए किया गया.

इसी साल मार्च में चीन की ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अलीबाबा ने भी फ़ेसियल रिकॉग्निशन ऐप प्रदर्शित की थी लेकिन अभी उसे भी बाज़ार में नहीं उतारा गया है.

फिलहाल अमरीका में पाँच सौ यूज़र मास्टरकार्ड के ऐप का ट्रायल कर रहे हैं.

मामला पैसों का है

मुनरो कहते हैं, "मास्टरकार्ड को सुरक्षा के और उपाय करने होंगे क्योंकि अगर आपका सुरक्षा कोड चोरी हो जाता है तो आप उसे बदल देते हैं लेकिन अगर आपका फ़ेसियल रिकॉग्निशन डेटा चोरी हो गया तो आप अपनी शक्ल नहीं बदल सकते."

वे कहते हैं मास्टरकार्ड को इसे बेहद सुरक्षित करना होगा क्योंकि वो पैसों का लेनदेन करते हैं.

मास्टरकार्ड का यह भी कहना है कि वह फ़िंगर प्रिंट और आवाज़ की पहचान वाली तकनीक की संभावनाएं भी तलाश रहा है ताक़ि ग्राहकों का अनुभव बेहतर बनाया जा सके.

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