पाक को अरबों की आर्थिक मदद

- Author, सलीम रिज़वी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए, न्यूयॉर्क से
- प्रकाशित
अमरीका में सीनेट ने पाकिस्तान को अगले पाँच साल के लिए हर वर्ष 1.5 अरब डॉलर की आर्थिक मदद देना मंज़ूर किया है. ये घोषणा अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने न्यूयॉर्क में पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने वाले ग्रुप फ़्रैंडस ऑफ़ पाकिस्तान के एक सम्मेलन के दौरान दी है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने न्यूयॉर्क में इस सम्मेलन के बाद बताया कि पाकिस्तान को बीस देशों और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी चरमपंथ को रोकने के लिए मदद देने का वादा किया है.
न्यूयॉर्क के वॉलडार्फ़ एस्टोरिया होटल में इस सम्मेलन में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी, अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन मौजूद थे.
फ़्रैंडस ऑफ़ पाकिस्तान के सम्मेलन में सउदी अरब, तुर्की, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश और विश्व बैंक, इस्लामी विकास बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रतिनिधि भी शामिल थे.
'पाकिस्तानियों का भविष्य'
अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने घोषणा की कि अमरीकी सेनट ने पाकिस्तान को आर्थिक मदद के लिए केरी-लूगर बिल को मंज़ूरी दे दी है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार उनका कहना था, "अमरीका पाकिस्तानी लोगों के बेहतर भविष्य के बारे में प्रतिबद्ध है, एक ऐसा भविष्य जो हमारी सभी की सुरक्षा और संपन्नता को आगे बढ़ाएगा."
लेकिन अमरीका में रहने वाले कुछ पाकिस्तानियों ने पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक मदद पर आपत्ति जताई है.
'जंग में नहीं, विकास में लगाएँ'
जिस होटल में यह सम्मेलन हो रहा था, उसके बाहर कुछ लोग इस मदद के खिलाफ़ विरोध जताते हुए देखे गए.
उन्होंने पोस्टर और बैनर उठा रखे थे जिनपर लिखा था – 'पाकिस्तान को अगर मदद दी जाए तो उसे जंग में नहीं विकास के काम में लगाएँ.'
कुछ लोगों ने अपने विचार इस तरह व्यक्त किए – 'पाकिस्तान को मदद देने से पहले यह सुनिश्चित करो कि यह मदद कहां जा रही है? इसका प्रयोग पाकिस्तान के अवाम के लिए हो रहा है या इधर-उधर हो रहा है.'

























