अफगानिस्तान में विस्फोट, सांसद सहित 20 की मौत

अहमद खान समांगनी
इमेज कैप्शन, अहमद खान समांगनी पहले एक मुजाहिद कमांडर रह चुके हैं
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अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत समांगन में एक शादी की पार्टी के दौरान हुए विस्फोट में एक जानेमाने अफगान राजनीतिज्ञ सहित कम से कम 20 लोग मारे गए हैं.

कम से कम 40 अन्य घायल हुए हैं.

पुलिस के अनुसार जब विस्फोट हुआ उस समय अहमद खान समांगनी प्रांत की राजधानी ऐबक में अपनी बेटी की शादी की पार्टी में थे.

एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि हमलावर एक मेहमान के रूप में आया था और उसने अपने आपको विस्फोट से उड़ाने से पहले समांगनी को गले से लगाया था.

तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि इस विस्फोट से उनका कोई संबंध नहीं है.

1980 के दशक में जब गृहयुद्ध चल रहा था तो उज़्बेक मूल के अहमद ख़ान समांगनी मुजाहिदीन लड़ाकों के कमांडर हुआ करते थे.

काबुल में बीबीसी के संवाददाता बिलाल सरवरी का कहना है कि समांगनी राष्ट्रपति हामिद करज़ई के समर्थक और गृहयुद्ध के समय एक ताक़तवर कमांडर रहे राशिद दोस्तम के विरोधी माने जाते हैं.

दोस्तम उत्तरी अफगानिस्तान में इस समय प्रमुख उज़्बेक राजनीतिज्ञों में से एक हैं.

वर्ष 2010 में हुए चुनाव में हुई धांधली की वजह से कई सांसदों को पिछले वर्ष जब उनके पदों से हटाया गया तो समांगनी संसद के सदस्य बने थे.

तालिबान का खंडन

एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि जिस हॉल में शादी की पार्टी हो रही थी वहाँ कोई सौ लोग मौजूद थे.

समांगन प्रांत के पुलिस की अपराध शाखा के निदेशक गुलाम मोहम्मद खान ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि मारे गए लोगों में अफगान नेशनल आर्मी के एक कमांडर और एक प्रांतीय खुफिया विभाग के एक प्रमुख शामिल हैं.

जबकि घायल होने वालों में प्रांतीय पुलिस बल के एक कमांडर भी शामिल हैं, जो समांगनी के रिश्तेदार भी हैं.

तालिबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "इस विस्फोट में हमारा कोई हाथ नहीं है."

उन्होंने कहा, "अहमद खान मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर थे और बदनाम भी थे, ऐसे बहुत से लोग हो सकते हैं जिनको उनसे नाराजगी रही हो."

ये विस्फोट उत्तरी अफगानिस्तान में हुआ है जो देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों की तुलना में शांत इलाक़ा माना जाता है.

इससे एक दिन पहले पूर्वी अफगानिस्तान के लेग़मान प्रांत में एक प्रमुख महिला राजनीतिज्ञ हनीफ़ा साफ़ी की हत्या कर दी गई थी.

हनीफ़ा साफ़ी अफगानिस्तान की महिला मामलों की प्रांतीय प्रमुख थीं और महिलाओं के साथ समुचित व्यवहार की बड़ी पैरोकार मानी जाती थीं.