श्रीलंका पर जीत के साथ भारत नंबर वन

मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में 36 साल बाद भारत और श्रीलंका के बीच खेल गया टेस्ट मैच कई मायनों में यादगार रहा.
तीन मैचों की सिरीज़ के इस आख़िरी मुक़ाबले में भारत ने मेहमान टीम को पारी और 24 रनों से क़रारी शिकस्त दी.
इसी के साथ भारत ने टेस्ट सिरीज़ को 2-0 से अपने नाम तो किया ही, साथ ही भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँच गई.
<link type="page"><caption> टेस्ट का स्कोरकार्ड</caption><url href="http://news.bbc.co.uk/sport1/shared/fds/hi/statistics/cricket/scorecards/2009/12/84170/html/scorecard.stm" platform="highweb"/></link>
वहीं भ्रमणकारी श्रीलंकाई टीम भारतीय सरज़मीं पर कोई टेस्ट मैच नहीं जीत पाने का मलाल नहीं तोड़ पाई.
खेल के पाँचवें दिन की शुरुआत में ही श्रीलंका को बड़ा झटका तब लगा जब दूसरी पारी में मैच बचाने के लिए अकेले संघर्ष कर रहे कप्तान कुमार संगकारा ज़हीर ख़ान की गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी को कैच थमा बैठे.
उन्होंने 261 गेंदों में बीस चौकों की मदद से 137 रन बनाए लेकिन मैच नहीं बचा पाए.
सहवाग रहे हीरो

टेस्ट मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने 393 रन बनाए थे.
इसके ज़वाब में भारत ने वीरेंदर सहवाग के 293 रनों की मदद से 726 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. सहवाग अपने तीसरे तिहरे शतक से पीछे छूट गए लेकिन उन्होंने ख़ुद इसे अपने टेस्ट करियर की तीसरी सबसे अच्छी पारी बताया.
सहवाग के अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शानदार शतक बनाकर भारत को बड़ी लीड दिलाने में मदद की.
ओपनर मुरली विजय (87), वीवीएस लक्ष्मण (62) राहुल द्रविड़ (74) और सचिन तेंदुलकर (53) ने भी बल्ले से बढ़िया योगदान दिया.
पहली पारी में 333 रनों से पिछड़ने के बाद श्रीलंकाई टीम दूसरी पारी में 309 रनों पर ऑल आउट हो गई.
संगकारा के बाद पुछल्ले बल्लेबाज़ों से ख़ास उम्मीद नहीं बची थी. वे ज़हीर ख़ान की तेज़ और हरभजन की फिरकी गेंदबाज़ी के आगे नहीं टिक पाए.
हेराथ को ज़हीर ख़ान ने प्रज्ञान ओझा के हाथों कैच कराया. इसके बाद नुवान कुलशेखरा भी ज़हीर के शिकार हुए और आख़िर विकेट हरभजन सिंह को मुरलीधरन के रुप में मिला.
ज़हीर ख़ान ने दूसरी पारी में पाँच विकेट चटकाए.
लेकिन इस जीत के हीरो रहे सहवाग जो मैन ऑफ़ द मैच और मैन ऑफ़ द सिरीज़ चुने गए.
'सर्वश्रेष्ठ टीम'
जीत के बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारतीय टीम को टेस्ट रैंकिंग में पहली बार शीर्ष पर देखते हुए उन्हें गर्व महसूस हो रहा है.
उनका कहना था, "मैं मानता हूं कि मैं सर्वश्रेष्ठ टीम का हिस्सा हूं. रैंकिंग में नंबर वन होने से सिर्फ़ मुझे नहीं बल्कि पूरे देश को गर्व है. इसका श्रेय कोच गैरी को भी जाता है जिन्होंने टीम का बहुत ही अच्छा प्रबंधन किया."
जेपी कप अपने हाथ में लेने के बाद कप्तान धोनी अपनी टीम के प्रदर्शन से काफ़ी ख़ुश नज़र आए. उन्होंने कहा, "इस मैच में गेंदबाज़ों ने बहुत अच्छी भूमिका निभाई. वीरू ने शानदार बैटिंग की और हमारी फ़ील्डिंग अच्छी रही."
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने मैच के बाद श्रीलंकाई स्पिनर मुथैयार मुरलीधरन को विशेष तौर पर सम्मानित किया. माना जा रहा है कि यह उनका आख़िरी भारत दौरा है.
टेस्ट सिरीज़ के बाद दोनों टीमें दो टी-ट्वेंटी और पाँच एकदिवसीय मैच खेलेंगी.

























