कटक वनडे भारत के नाम रहा

भारत और श्रीलंका के बीच कटक में खेले गए तीसरे वनडे में भारत ने सचिन की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत श्रीलंका को सात विकटों से हरा दिया है.
सलामी बल्लेबाज़ सचिन ने धमाकेदार 96 रनों की पारी खेली और नाबाद रहे. कार्तिक ने भी 36 रन बनाए और आख़िर तक आउट नहीं हुए.
इसके जीत के साथ ही भारत ने पाँच वनडे मैचों की इस सीरिज़ में 2-1 से बढत बना लिया है. मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए रविंदर जडेजा को मैन ऑफ द मैच चुना गया. उन्होंने चार विकेट लिए.
इससे पहले भारत के सामने श्रीलंका ने जीत के लिए 240 रनों का लक्ष्य रखा था.
यूं तो भारत की शुरुआत धीमी रही, लेकिन हर मोड़ पर भारत श्रीलंका पर भारी रहा.
भारतीय पारी की शुरुआत वीरेंदर सहवाग और सचिन ने की. सातवें ओवर में सहवाग 44 रनों का योगदान देकर पेवेलियन लौट गए. उन्हें वेलेगेदेरा की गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान ने कैच आउट किया. पहले विकेट पर भारत का स्कोर 55 रन था.
उसके भारत दूसरे विकेट के लिए गंभीर आए और 32 रनों की पारी खेली. उन्हें रनदीव में अपने ही गेंद पर कैच किया, तबतक भारत का स्कोर 127 पर पहुँच चुका था.
भारत का तीसरा विकेट युवराज सिंह के रुप में गिर गया है, पर उस समय भारत की स्थिति मज़बूत थी. युवराज को वेलेगेदेरा के गेंद पर संगकारा ने कैच आउट किया. भारत का तीसरा विकेट 33वें ओवर में 169 के स्कोर पर गिरा.
चौथे विकेट की साझेदारी में सचिन और कार्तिक ने भारत को जीत दिलाई और आख़िर तक नाबाद रहे. भारत ने जीत का सफ़र 43वें ओवर में ही पूरा कर लिया.
श्रीलंका की पारी
श्रीलंका की शुरुआत ज़बर्दस्त रही थी लेकिन उसके बाद जल्दी जल्दी विकेट गिरे. एक समय श्रीलंका का स्कोर एक विकेट पर 160 रनों से अधिक था लेकिन दिलशान और थरंगा के आउट होने के बाद रन औसत कम हो गया.
श्रीलंका की ओर सबसे अधिक रन सलामी बल्लेबाज़ थरंगा ने बनाए. उन्होंने 73 रनों का योगदान दिया.
श्रीलंका ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया और सलामी बल्लेबाज़ थरंगा और तिलकरत्ने दिशान ने धमाकेदार शुरुआत की. इन दोनों ने महज़ 26 गेंदों पर 50 रन पूरे किए.
पहला विकेट सातवें ओवर में धुआँधारा बल्लेबाज़ी कर रहें तिलकरत्ने दिलाशन का गिरा. दिलशान ने 18 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 41 रन जडे.

लेकिन दूसरे विकेट पर संगकारा ने थरंगा का बख़ूबी साथ निभाया और श्रीलंका ने तेज़ी के साथ 20वें में 150 रन पूरे कर लिए.
लेकिन उसके बाद श्रीलंका की डगर मुश्किल होती होती गई जब 23वें ओवर में 165 के स्कोर पर संगकारा पवेलियन लौट गए. वो अर्धशतक बनाने से चूक गए और 46 रन पर सहवाग के शिकार बन गए.
उसके बाद तेज़ी से रन बटोर रही टीम का औसत गिर गया और आउट होने का जो सिलसला संगकारा से शुरू हुआ वो आख़िर तक जारी रहा.
आख़िरी आठ विकेट केवल 74 रनों के बीच गिरे हैं.
थंगारा, संगकारा और दिलशान के बाद कोई भी खिलाड़ी भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाए.
जडेजा ने शानदारी गेंदबाज़ी की और चार विकेट झटके. उन्होंने10 ओवर में केवल 32 रन ही दिए. ईशांत ने भी अच्छी गेंदबाज़ी की और लगातार दो विकेट लिए. नेहरा के हिस्से में भी दो विकेट आया.
पाँचवें विकेट के रुप में कापूगदेरा का विकेट गिरा. उन्हें जडेजा ने बोल्ड आउट किया है. कापुगदेरा ने बहुत ही धीमी बल्लेबाज़ी की और 28 गेंदों का सामना कर केवल 15 रन बनाए.
इससे पहले चौथे विकेट के रुप में महेला जयवर्धने आउट हो गए. उन्होंने मात्र दो रन बनाए. जयवर्धने को हरभजन की गेंद पर रैना ने कैच आउट किया.
सलामी बल्लेबाज़ थरंगा 73 रन बनाकर जडेजा की गेंद पर बोल्ड हुए जिसके बाद श्रीलंका का रन औसत थोड़ा कम हुआ है.
इससे पहले दूसरे विकेट के रुप में संगकारा अपना अर्धशतक पूरा करने से चूक गए. उन्हें सहवाग ने आउट किया. संगकारा ने 41 गेंदों का सामना कर 46 रनों की पारी खेली.
इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया.

























