कोच्चि को 30 दिनों का नोटिस

प्रीति ज़िंटा और शिल्पा शेट्टी के साथ ललित मोदी
इमेज कैप्शन, किंग्स एलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स की टीमों को बीसीसीआई पहले ही हटा चुकी है
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भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग की कोच्चि टीम को अंदरूनी मसले निबटाने के लिए अंतिम तौर पर 30 दिनों का नोटिस दिया है.

बोर्ड के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने आईपीएल की प्रशासकीय परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "गवर्निंग काउंसिल ने रॉन्देवू और अन्य निवेशकों के जवाब पर चर्चा की और हमें लगा कि अभी मतभेद बरक़रार हैं इसलिए काउंसिल ने उन्हें 30 दिन का नोटिस दिया है."

मनोहर के अनुसार अगर इस समयावधि में कोच्चि की टीम ने सारे मसले नहीं सुलझाए तो 31वें दिन टीम का कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो जाएगा.

इस फ़ैसले के बाद बीबीसी से बात करते हुए कोच्चि की टीम में प्रमुख शेयर रखने वाले रॉन्देवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड के सत्यजीत गायकवाड़ ने कहा, "हमें बहुत ख़ुशी है कि बीसीसीआई ने हमारे बारे में सकारात्मक रूप से सोचा है. हमारे पास समय है कि हम बीसीसीआई की अपेक्षाओं पर खरे उतरें. हम अपनी फ्री इक्विटी 25 से दस प्रतिशत कर सकते हैं, लेकिन अपना शेयर 25 प्रतिशत से कम नहीं कर सकते."

बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि कोच्चि फ़्रेंचाइज़ी का मामला राजस्थान रॉयल्स या किंग्स एलेवन पंजाब जैसा नहीं है जो सुलझाया नहीं जा सके इसलिए उन्हें ये समय समझौते के तहत ही दिया गया है.

मनोहर ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स और किंग्स एलेवन पंजाब के मामले में फ़्रेंचाइज़ी के अधिकार के हस्तांतरण का मामला था और समझौते के मुताबिक़ ये हस्तांतरण गवर्निंग काउंसिल की सहमति के बिना नहीं हो सकता था.

मामला अलग

उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन दोनों फ़्रेंचाइज़ी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया गया जबकि कोच्चि के मामले में हस्तांतरण का कोई मसला नहीं है बल्कि उन्हें अंदरूनी झगड़े निबटाने हैं.

दरअसल कोच्चि फ़्रेंचाइज़ी के सभी शेयरधारकों को आपसी मतभेद सुलझाककर एक कंपनी बनानी है जो फ़्रेंचाइज़ी की ओर से सभी अधिकार रखेगी.

बीसीसीआई ने फ़्रेंचाइज़ी के निवेशकों को जो नोटिस भेजा था उसमें कहा गया था कि अगर वे आपसी मतभेद सुलझाकर एक समझौते पर नहीं पहुँचे तो कोच्चि टीम के साथ हुआ कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया जाएगा.

कोच्चि की टीम में प्रमुख शेयर रखने वाले रॉन्देवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड के सत्यजीत गायकवाड़ ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में मंगलवार को ही कहा था कि उन्हें सिर्फ़ 10 दिन अगर और मिल जाएँ तो वे अपने शेयर धारकों का मामला सुलझा लेंगे.

इस फ़ैसले के बाद गायकवाड़ के अनुसार, "हमें सोचना पड़ेगा कि अगर हम इकट्ठा काम करना चाहते हैं तो हमें अपने काम करने का तरीका तय करके इस टीम को आगे बढ़ाना चाहिए. मुझे नहीं लगता कि मतभेदों के बीचे कोई बाहर का असर है. हमारे बीच में अगर मनमुटाव है तो उसे सुलझाने में ज़्यादा देर नहीं लगनी चाहिए."

शशांक मनोहर ने ये भी बताया कि सुनील गावस्कर के कोच्चि की टीम के साथ जुड़ने के मसले पर गवर्निंग काउंसिल में कोई चर्चा नहीं हुई क्योंकि वो टीम और गावस्कर के बीच का मामला है.