तीरंदाज़ी के फ़ाइनल में भारतीय महिला टीम

तीरंदाज़
    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

भारतीय महिला तीरंदाज़ डेनमार्क में चल रहे तीरंदाज़ी विश्व कप के फाइनल में पहुंच गई हैं.

इसके साथ ही अगले साल रियो में होने वाले ओलंपिक खेलों की रिकर्व स्पर्धा में भी टीम की जगह पक्की हो गई है.

लेकिन भारतीय पुरुष टीम शुरुआती दौर में शानदार बढ़त हासिल करने के बावजूद इस उपलब्धि से चूक गई. भारतीय टीम को इटली के ख़िलाफ 5-4 से हार का सामना करना पड़ा.

व्यक्तिगत स्पर्धा में मौका

भारतीय महिला टीम ने सातवीं वरीयता हासिल जर्मनी की टीम से 1-3 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए उसे 5-3 से मात दी और अंतिम आठ में जगह बनाते हुए रियो का टिकट हासिल किया.

दरअसल विश्व तीरंदाज़ी चैंपियनशिप में पहले आठ स्थानों पर रहने वाली टीमों को ओलंपिक में जगह मिल जाती है.

महिला तीरदांज

इसके बाद भी भारतीय महिला टीम का शानदार सफ़र जारी रहा और उसने क्वार्टर फ़ाइनल में कोलंबिया को 6-2 से, सेमीफानल में जापान को कड़े मुक़ाबले में 5-4 से हराकर फ़ाइनल में अपनी जगह और पदक भी पक्का किया.

फ़ाइनल में स्वर्ण पदक के लिए भारतीय टीम का सामना रूस से होगा. वहीं कांस्य पदक के लिए दक्षिण कोरिया का सामना जापान से होगा.

भारतीय महिला टीम में किसी समय दुनिया की नम्बर एक महिला तीरंदाज़ रही दीपिका कुमारी, लक्ष्मीरानी मांझी और रिमिल बूरूली की तिकड़ी शामिल है.

भारतीय पुरुष रिकर्व टीम में बेहद अनुभवी राहुल बनर्जी, जयंत तालुकदार और मंगल सिंह चम्पिया शामिल है. इनके पास अब व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए ओलंपिक में जगह बनाने के अवसर है.

मनोवैज्ञानिक की सेवाएं भी

भारतीय महिला रिकर्व टीम की कामयाबी पर भारतीय तीरंदाज़ी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने खुशी जताई है.

पुरुष तीरंदाज़

उन्होंने कहा कि पुरुष टीम ने थोड़ा निराश किया लेकिन अभी उनके पास रियो में जगह बनाने के दो अवसर और हैं. अगले साल होने वाले विश्व कप और फिर कॉन्टिनेंटल कम्पीटिशन.

उल्लेखनीय है कि दीपिका कुमारी पिछले लंदन ओलंपिक के समय दुनिया की नम्बर एक महिला तीरंदाज़ थी लेकिन वह वहां दबाव सहन नही कर सकी.

इस पर विजय कुमार मल्होत्रा कहते हैं, "अब हम इनके साथ मनोवैज्ञानिक की सेवाएं भी ले रहे है. इसके अलावा इनके मानसिक मनोबल को बढ़ाने के लिए योग का सहारा भी लेंगे."

विदेशी कोच की बात पर विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा, "फ़िलहाल देश में तीन कोरियन कोच हैं, लेकिन उन्हें जूनियर्स के साथ जोड़ा गया है ताकि भविष्य में बेहतर परिणाम मिले, भारतीय कोच भी अच्छा काम कर रहे हैं".

इससे पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम भी रियो में जगह बना चुकी है जबकि महिला हॉकी टीम जगह बनाने के नज़दीक पहुंच चुकी है.

अभिनव बिंद्रा

इनके अलावा निशानेबाज़ जीतू राय, अभिनव बिंद्रा, गुरप्रीत सिंह, गगन नारंग और महिला निशानेबाज़ अपूर्वी चंदेला भी रियो का टिकट हासिल कर चुके है.

एथलेटिक्स में पुरुषों की शॉटपुट स्पर्धा में इंद्रजीत सिंह, महिलाओं की 3,000 मीटर स्टीपल चेज़ में ललिता बाबर, महिला मैराथन में ओपी जैशा और ललिता बाबर तथा महिलाओं की 20 किलोमीटर पैदल चाल में खुशबीर कौर भी रियो ओलंपिक में जगह बना चुके हैं.

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