करेंसियां जुटाने का अनोखा शौक

इमेज स्रोत, Lingraj Panda
पी अनिल कुमार पर पुराने सिक्के और करेंसी के संग्रह की धुन बचपन से ही सवार रही है. अनिल दक्षिणी ओडिशा के ब्रह्मपुर शहर में फर्मास्युटिकल के थोक व्यापारी हैं.

इमेज स्रोत, Lingraj Panda
इनके पास ईस्ट इंडिया कंपनी से पहले की भी करेंसी है. इसके अलावा इनके पास 10 और पांच के ऐसे नोट भी हैं जिन पर कोई तारीख नहीं है. कुमार को कुछ खास नंबर वाले नोटों से विशेष मोह है. ये नंबर हैं- 600000, 700000, 900000.

इमेज स्रोत, Lingraj Panda
इनके पास विदेशी करेंसी का बड़ा संग्रह है. अनिल ने कहा, ''मैंने इन नोटों को विदेशियों से जुटाया है. ये हमारे इलाके में पर्यटन के लिए आते हैं. इसके साथ ही जो मेरे दोस्त विदेश यात्रा पर जाते हैं उनसे भी इन नोटों को जुटाने में मुझे मदद मिली है. यहां जो भी विदेशी आते हैं वे मुझे अपने देश की करेंसी देते हैं. उन्हें पता है कि अलग-अलग देशों की करेंसी का संग्रह मेरा शौक है.'

इमेज स्रोत, Lingraj Panda
अनिल के पास पुराने सिक्के भी खूब हैं. कुछ सिक्के तो उनके पास मुगलकाल से पहले के हैं. इनमें ज्यादातर सिक्के 10, 5, 2 और एक के हैं. इनमें एक आना और डेढ़ आने तक के सिक्के शामिल हैं.

इमेज स्रोत, Lingraj Panda
अनिल ने कहा कि करेंसी संग्रह की उनकी प्रवृत्ति ख़ानदानी है. उनके दादा का भी यह शौक था. उन्होंने कहा, 'मैं कोई रिसर्चर नहीं हूं. जो करेंसी और सिक्के मेरे पास हैं उनके काल के बारे में भी पता नहीं है. यह महज मेरे शौक का हिस्सा है.' कुमार ने अपने संग्रह में अब 500 और 1000 के नोटों को भी शामिल कर लिया है. इसी महीने 8 नवंबर को भारत सरकार इन दो बड़े नोटों को रद्द कर दिया था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)



















