करेंसियां जुटाने का अनोखा शौक

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इमेज कैप्शन, पी अनिल कुमार
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पी अनिल कुमार पर पुराने सिक्के और करेंसी के संग्रह की धुन बचपन से ही सवार रही है. अनिल दक्षिणी ओडिशा के ब्रह्मपुर शहर में फर्मास्युटिकल के थोक व्यापारी हैं.

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इमेज कैप्शन, पुरानी करेंसी के साथ पी अनिल कुमार

इनके पास ईस्ट इंडिया कंपनी से पहले की भी करेंसी है. इसके अलावा इनके पास 10 और पांच के ऐसे नोट भी हैं जिन पर कोई तारीख नहीं है. कुमार को कुछ खास नंबर वाले नोटों से विशेष मोह है. ये नंबर हैं- 600000, 700000, 900000.

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इमेज कैप्शन, इनके पास विदेशी करेंसी का बड़ा संग्रह है

इनके पास विदेशी करेंसी का बड़ा संग्रह है. अनिल ने कहा, ''मैंने इन नोटों को विदेशियों से जुटाया है. ये हमारे इलाके में पर्यटन के लिए आते हैं. इसके साथ ही जो मेरे दोस्त विदेश यात्रा पर जाते हैं उनसे भी इन नोटों को जुटाने में मुझे मदद मिली है. यहां जो भी विदेशी आते हैं वे मुझे अपने देश की करेंसी देते हैं. उन्हें पता है कि अलग-अलग देशों की करेंसी का संग्रह मेरा शौक है.'

अनिल कुमार
इमेज कैप्शन, अनिल के पास पुराने सिक्के भी खूब हैं.

अनिल के पास पुराने सिक्के भी खूब हैं. कुछ सिक्के तो उनके पास मुगलकाल से पहले के हैं. इनमें ज्यादातर सिक्के 10, 5, 2 और एक के हैं. इनमें एक आना और डेढ़ आने तक के सिक्के शामिल हैं.

अनिल कुमार
इमेज कैप्शन, अनिल ने कहा कि करेंसी संग्रह की उनकी प्रवृत्ति ख़ानदानी है.

अनिल ने कहा कि करेंसी संग्रह की उनकी प्रवृत्ति ख़ानदानी है. उनके दादा का भी यह शौक था. उन्होंने कहा, 'मैं कोई रिसर्चर नहीं हूं. जो करेंसी और सिक्के मेरे पास हैं उनके काल के बारे में भी पता नहीं है. यह महज मेरे शौक का हिस्सा है.' कुमार ने अपने संग्रह में अब 500 और 1000 के नोटों को भी शामिल कर लिया है. इसी महीने 8 नवंबर को भारत सरकार इन दो बड़े नोटों को रद्द कर दिया था.

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