गन्ने की क़ीमत पर संसद की कार्यवाही ठप

गन्ना किसानों को उचित मूल्य देने की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और लोकसभा की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन भी नहीं चल सकी.
लोकसभा और राज्यसभा दोनों में हंगामे के बाद सदन की बैठक पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई.
लकिन जब बैठक दोबारा शुरु हुई तो दोनों ही सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.
विपक्षी सदस्य दोनों ही सदनों में अध्यक्ष की आसंदी तक तक आकर नारेबाज़ी कर रहे थे.
न्यूनतम मूल्य बढ़ाने की मांग
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में गुरुवार को एक बड़ी रैली भी निकाली थी. इस रैली को सभी विपक्षी दलों ने समर्थन दिया था.
दरअसल किसान मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार गन्ने का न्यूनतम मूल्य बढ़ाए.
वे केंद्र सरकार के उस अध्यादेश का विरोध कर रहे हैं जिसके तहत गन्ने का न्यूनतम मूल्य 129 रुपए 85 पैसे तय किया गया है.
केंद्र सरकार का कहना है कि किसानों को इससे अधिक मू्ल्य देने के लिए बाक़ी का बोझ राज्य सरकारों को उठाना पड़ेगा.
किसान चाहते हैं कि उनका गन्ना कम से कम ढाई सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से ख़रीदा जाए.
उत्तर प्रदेश सरकार ने 165 रुपए से 170 रुपयों का एक परामर्श मूल्य तय किया है लेकिन किसान इससे सहमत नहीं हैं.
वैसे प्रधानमंत्री ने सोमवार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है लेकिन यह मुद्दा आसानी से शांत होता नहीं दिख रहा है.

























