आंध्र कैबिनेट के 20 मंत्रियों का इस्तीफ़ा

- Author, उमर फ़ारूक़
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद से
- प्रकाशित
अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के विरोध में अभूतपूर्व क़दम उठाते हुए आंध्र प्रदेश कैबिनेट के 20 मंत्रियों ने शनिवार को सामूहिक इस्तीफ़ा दे दिया.
इस्तीफ़ा देने वाले सारे मंत्री आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र के हैं.
इसी के साथ 33 सदस्यीय मंत्रिमंडल में अब सिर्फ़ 13 मंत्री बचे हैं और ये सब के सब तेलंगाना क्षेत्र से हैं.
इस्तीफ़े के बाद स्थानीय निकाय मंत्री रामनारायण रेड्डी ने पत्रकारों को बताया कि लगभग 140 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद मंत्रियों पर भी दबाव था कि वे उनके समर्थन में कुछ क़दम उठाएं.
उन्होंने कहा कि तीन मंत्रियों के एक दल ने मुख्यमंत्री के रोसैया को फ़ैसले से अवगत करा दिया है और आगे की रणनीति का फ़ैसला जल्दी ही किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस्तीफ़ा देने वाले मंत्रियों ने संयुक्त आंध्र प्रदेश के लिए लड़ने का फ़ैसला किया है.
रामनारायण रेड्डी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अभी भी राज्य और केंद्र सरकार अलग तेलंगाना के मामले पर पुनर्विचार करेगी.

अलग तेलंगाना राज्य बनाने की माँग तो पहले से उठती रही है लेकिन इस मुद्दे पर इतना बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट इससे पहले कभी पैदा नहीं हुआ.
आंध्र प्रदेश के विभाजन के विरोध में सत्तारुढ कांग्रेस, प्रजा राज्यम और तेलुगूदेशम पार्टी के 140 विधायक पहले ही इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
ऐसे में मुख्यमंत्री के रोसैया के हाथ बंधे हुए हैं और वे सिर्फ़ इतना कह रहे हैं कि पार्टी हाईकमान जो कहेगा वे उसे मानेंगे.
हालांकि विधानसभा स्पीकर ने अभी तक विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं. उनका कहना है कि वह संवैधानिक जानकारों से सलाह मशविरा कर रहे हैं.
हिंसा
इस बीच आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र में शनिवार को भी बंद के दौरान हिंसा हुई है.

अनंतपुर ज़िले में उग्र प्रदर्शनकारियों ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के गोदाम में आग लगा दी जिसमें करोड़ों की संपत्ति जल कर खाक हो गई.
प्रदर्शनकारियों ने कई इलाक़ों में बसों में आग लगा दी है.
ट्रेन पर पथराव भी हुए हैं और यातायात सबसे ज़्यादा प्रभावित है. विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम और अनंतपुर में बस सेवाएँ रद्द हैं और आम यात्री फँसे हुए हैं.
कई क्षेत्रों में तेलंगाना विरोधी विधायक भूख हड़ताल पर बैठे हैं. विशाखापट्टनम के आंध्र यूनिवर्सिटी में 20 छात्र आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं.
ये उनके आमरण अनशन का दूसरा दिन है. प्रदर्शनकारी रास्ता रोको आंदोलन भी कर रहे हैं.

























