पीएसी के समक्ष पेश होने को तैयार पीएम

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को पत्र लिख कर कहा है कि वो 2जी स्पैक्ट्रम घोटाला मामले में पेश होने को तैयार हैं.
ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस महाधिवेशन में घोषणा की थी कि वो इस मामले की जांच के लिए संसदीय समिति लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष पेश होने को तैयार हैं.
प्रधानमंत्री ने 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग को ठुकरा दी थी और कहा था कि इससे कोई उद्देश्य का हल नहीं होता.
पिछले दिनों जेपीसी की मांग पर संसद की कार्यवाही चल ही नहीं पाई थी.
मनमोहन सिंह ने कहा था कि जैसे ही 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में सीएजी की रिपोर्ट आई, संबंधित मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया और मामला लोक लेखा समिति के पास है और वे भी लोक लेखा समिति के सामने भी पेश होने को तैयार हैं.
लोक लेखा समिति की अगुआई भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी कर रहे हैं.
इस मामले की जाँच सीबीआई कर रही है और सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है.
महालेखा परीक्षक पेश होंगे
दूसरी ओर 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन घोटाले के मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष सोमवार को पेश होंगे.

उल्लेखनीय है कि कैग की रिपोर्ट में ही कहा गया था कि 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन में हुए घोटाले के कारण सरकारी खजाने को एक लाख सत्तर हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय इस मामले में पीएसी के समक्ष पेश होंगे और अपनी बात रखेंगे.
2 जी स्पैक्ट्रम के मामले में दूरसंचार मंत्री ए राजा को इस्तीफ़ा देना पड़ा था और विपक्ष पूरे मामले की जेपीसी जांच की मांग कर रहा है और पीएसी की जांच को मानने से इनकार करता रहा है.
विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री को 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन में हुए घोटाले के बारे में पहले से जानकारी थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने ए राजा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में बहुत देर की.

























