आपराधिक मामले 109 उम्मीदवारों के विरुद्ध: इलेक्शन वॉच

इलेक्शन वॉच संस्था ने पहले चरण के 867 उम्मीदवारों में से 284 के हलफ़नामों का अध्ययन किया
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उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों के पहले चरण चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से 109 के खिलाफ़ आपराधिक मामले चल रहे हैं.

आठ फ़रवरी को होने वाले मतदान के पहले चरण में कुल 867 उम्मीदवार हैं जिनमें से 'उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच' नाम के संगठन ने 284 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया.

इस संगठन ने पाया कि इन उम्मीदवारों के खिलाफ़ दर्ज आपराधिक मामलों में हत्या, अपहरण, लूट-पाट और ज़बरन वसूली करने जैसे गँभीर मामले शामिल हैं.

इस सूची में समाजवादी पार्टी (सपा) 28 उम्मीदवारो के साथ सबसे ऊपर है जबकि दोनों बीएसपी और बीजेपी के इसमें 24-24 उम्मीदवार हैं.

इस सूची में काग्रेस के 15, पीस पार्टी के 12, जनता दल (यू) के पाँच और आरएलडी का एक उम्मीदवार है.

करोड़पतियों की संख्या 144

इस संगठन के अनुसार इन 284 उम्मीदवारों में 144 करोड़पति हैं. हर सपा उम्मीदवार की औसत संपत्ति 1.74 करोड़ रुपए है, बीएसपी की 3.83 करोड़ रुपए, काग्रेस की 1.34 करोड़ रुपए, पीस पार्टी की 1.01 करोड़ रुपए और जेडी (यू) की 32.09 लाख रुपए है.

बीएसपी के कलनलगंज से उम्मीदवार अजय प्रताप सिंह सबसे अमीर हैं जिनकी संपत्ति 12.08 करोड़ रुपए है. दूसरे नंबर पर कांग्रेस के शोहरतगढ़ से उम्मीदवार चौधरी रविंद्र प्रताप सिंह हैं जिनकी संपत्ति 6.56 करोड़ रुपए है. इसके बाद नाम है बीएसपी के उम्मीदवार संग्राम सिंह का, जिनकी 5.5 करोड़ रुपए की संपत्ति है.

यदि संपत्ति में वृद्धि की बात की जाए तो सबसे अधिक वृद्धि जेडी(यू) के तुलसीपुर से उम्मीदवार कौशलेंद्र नाथ (12,074 प्रतिशत) की संपत्ति में हुई. इनकी संपत्ति साल 2007 में 51 लाख से बढ़कर 68.42 लाख हुई है.

इन 284 उम्मीदवारों में से 96 का कहना है कि उन्होंने कभी आयकर रिटर्न नहीं भरी है. पहले चरण में चुनाव लड़ने वाले 867 उम्मीदवारों में केवल 65 महिलाएँ हैं.