भारत के अलग-अलग राज्यों में क्या है हाल

इमेज स्रोत, prabhat verma
नेपाल में आए भूकंप का असर भारत में भी कई जगह देखा गया. कई राज्यों में काफी देर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए और कई जगह इमारतों को भी नुकसान हुआ है. सबसे ज़्यादा नुकसान बिहार में हुआ है जहां बीस से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
पटना से नीरज सहाय
बिहार की राजधानी पटना समेत समूचे राज्य में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए. सबसे पहला झटका सुबह 11:41 महसूस किया गया. इसके बाद दो और झटके आए.
इसके कारण लोगों में अफरा- तफरी का माहौल बन गया, लोग घरों के बाहर निकाल आए. कई मकानों में दरारें आ गई हैं. मौसम विभाग ने आगाह किया है कि अगले 48 घंटों में नेपाल की राजधानी काठमांडू के लगभग 300 किलोमीटर के दायरे में फिर से भूकंप के झटके आ सकते हैं.
इस परिधि में बिहार के भी कई इलाके आते हैं. सरकार के मुताबिक़ अभी तक बिहार में 23 लोगों की मौत.
उत्तराखंड से शिव जोशी

इमेज स्रोत, EPA
उत्तराखंड की क़रीब 250 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल से लगी हुई है. चंपावत ज़िले के वनबसा क्षेत्र से लेकर पिथौरागढ़ ज़िले के जौलजीवी तक ये सीमा फैली हुई है.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण केंद्र के कार्यकारी निदेशक पीयूष रौतेला के मुताबिक राज्य में कहीं से भी जानमाल के नुकसान की ख़बर नहीं है. चार धाम यात्रा भी सामान्य रूप से जारी है.
कोलकाता से पीएम तिवारी
पूरे देश के साथ पश्चिम बंगाल और पड़ोसी राज्य सिक्किम में भी भूकंप के भारी झटके महसूस किए गए. दो मिनट के दौरान भूकंप के कई झटकों की वजह से कोलकाता में लोग ऊंची इमारतों से बाहर भागने लगे.
यहां महिलाएं शंख बजाने लगीं. भूकंप के शुरूआती झटकों के बाद यहां मेट्रो रेलवे का संचालन रोक दिया गया. नेपाल से सटे होने की वजह से बंगाल के दूसरे प्रमुख शहर सिलीगुड़ी में भूकंप का असर ज्यादा महसूस किया गया.
वहां बिजली कट गई और तमाम टेलीफोन नेटवर्क और केबल नेटवर्क ठप हो गए. सिलीगुड़ी में चाय बागान के 72 वर्षीय सेवानिवृत्त मैनेजर जयराम तिवारी ने सोशल नेटवर्क साइट के जरिए बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इत तरह का भूकंप नहीं देखा था.

इमेज स्रोत, prabhat verma
इसी तरह सिक्किम में भी भूकंप का असर ज्यादा रहा. अभी कहीं से जान-माल के किसी नुकसान की खबर नहीं मिली है.
मुंबई से अश्विन अघोर
आज सुबह नेपाल में आए भूकंप के हलके झटके महाराष्ट्र के मुंबई, नागपुर तथा चंद्रपुर शहरोंमें भी महसूस किए गए.
मुंबई मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सांताक्रुज, अंधेरी, विले पार्ले इलाकों में भूकंप के हलके झटके महसूस किए गए.

इमेज स्रोत, atul chandra
इसके अलावा नागपुर के लक्ष्मीनगर, प्रताप नगर, कोतवाल नगर इलकों में भी भूकंप के झटके महसूस हुए. ये झटके करीब एक मिनट तक महसूस हो रहे थे.
लक्ष्मी नगर के निवासी अमित गिर्हे ने बीबीसी को बताया, "आज दोपहर का खाना खाते वक़्त अचानक टेबल हिलने लगा. मैं अपने परिवार के साथ दौड़कर बाहर आया तो देखा कि सारे पड़ोसी अपने-अपने घरों से बहार निकले हुए थे. करीब एक मिनट तक हलके झटके महसूस होते रहे."
अहमदाबाद से अंकुर जैन
2001 के विनाशकारी भूकंप से रूबरू हो चुके अहमदाबाद में घरों और ऑफिस से लोग खुले मैदान और रास्ते पर आ गए.
अहमदाबाद के प्राइवेट स्कूल की टीचर कोंकना रॉय ने बताया, "जैसे ही भूकंप आया, स्कूल में सभी टीचर्स क्लास रूम से बच्चों को खुले मैदान की ओर ले गए. ऐसे मौके पर भगदड़ न मचे और बच्चे सुरक्षित रहें इस बात का ख़ास ध्यान रखा गया."
लखनऊ से अतुल चंद्रा

इमेज स्रोत, prabhat verma
लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में सुबह 11.41 पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की एक दीवार गिर गई.
गोरखपुर डिवीज़न के कमिश्नर राकेश ओझा के अनुसार गोरखपुर के एक उपनगर में दीवार गिरने से एक ढाई साल की बच्ची दब कर मर गई.
भूकंप से अमौसी एयरपोर्ट पर अफरा तफरी मच गई. यही हाल प्रदेश के सभी शहरों में रहा जहां लोग डर के घरों से निकल सड़क पर आ गए. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भूकंप के झटकों के बाद तुरंत ही छुट्टी करवा दी.
जयपुर से आभा शर्मा
राज्य के अजमेर, झुंझुनू, कोटा, बूंदी सहित अन्य स्थानों पर लोगों ने भूकंप को महसूस किया.
अजमेर में इन दिनों ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में उर्स के मौके पर हजारों जायरीन इकट्ठे हैं. वहां भूकंप से कोई अफरा-तफरी या क्षति की फिलहाल कोई सूचना नहीं है.
इसी तरह जयपुर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करने आये राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली में भाग लेने हजारों लोग पहुंचे हुए हैं. शनिवार को अवकाश होने की वजह से सरकारी कार्यालय बंद थे पर जयपुर में निजी ऑफिस, स्कूलों और बहु मंजिला इमारतों के निवासी घबराहट में सीढियां उतरकर नीचे आते देखे गए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

























