'तस्वीर उस पल का दस्तावेज़ है'

    • Author, प्रीति मान
    • पदनाम, फ़ोटो पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 2 मिनट

रघु राय देश के जाने-माने फोटोग्राफ़र हैं. 1947 में पंजाब के झंग (अब पाकिस्तान में) में जन्मे रघु ने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें फ़ोटोग्राफ़र बनना है.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु राय के लिए फ़ोटोग्राफ़ी उनकी दुनिया है. वह मानते हैं कि तस्वीर उस पल का दस्तावेज़ है जिसे दोबारा नहीं लिखा जा सकता, जो आने वाली पीढ़ी के लिए बीते समय का इतिहास होगा.

वे सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद अपने बड़े भाई और फ़ोटोग्राफ़र एस पॉल के यहां छुट्टियों में आए और भाई के दोस्त के साथ उनके गांव घूमने चले गए. जाते वक़्त उन्होंने भाई से एक कैमरा ले लिया.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु अपनी हर किताब की एडिटिंग से लेकर तस्वीरों के चुनाव और कैप्शन्स पर ख़ुद काम करते हैं.

वहां रघु एक गधे के बच्चे की तस्वीर लेना चाहते थे, उन्हें देखते ही वह भाग गया.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु राय को संगीत और प्रकृति से विशेष लगाव है. एक वक़्त था जब वह संगीतकार बनना चाहते थे.

रघु ने उसका पीछा किया और आख़िरकार उसकी तस्वीर खींची.

रघु राय
इमेज कैप्शन, उन्होंने कई नामी चेहरों को अपने कैमरे में क़ैद किया है, पर मदर टेरेसा उनमें सबसे ख़ास हैं.

वापस लौटकर जब वह तस्वीर उन्होंने अपने भाई को दिखाई, तो उन्हें बहुत पसंद आई और उन्होंने वह तस्वीर लंदन टाइम्स में भेज दी, जो अख़बार के आधे पन्ने पर रघु के नाम के साथ छपी.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु राय का मानना है कि कैमरा कितना महंगा या सस्ता है, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता. एक फ़ोटोग्राफ़र को अपने कैमरे की तकनीकी जानकारी होनी चाहिए, बाक़ी सब नज़र का खेल है.

यहीं से रघु राय का फ़ोटोग्राफ़ी का सफ़र शुरू हुआ.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु का कहना है- मैंने ज़िंदगी की पढ़ाई की है. ज़िंदगी एक ऐसी किताब है, जो कहीं शुरू नहीं होती, कहीं खत्म नहीं होती. वह हमेशा आपको कुछ नया देती है.

1965 में उन्होंने 'द स्टेट्समैन' अख़बार में फ़ोटो पत्रकार और 1982 में इंडिया टुडे के लिए दस साल तक बतौर फ़ोटो संपादक काम किया.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु बताते हैं कि जिंदगी को पढ़ते हुए मुझे अद्भुत अनुभव हुए हैं.

इस दौरान कई मशहूर हस्तियों और जगहों की तस्वीरें उतारीं. अब तक उनकी फ़ोटोग्राफ़ी पर 18 से ज़्यादा किताबें आ चुकी हैं, जिनमें 'रघु रायज़ डेल्ही', 'द सिख्स', 'कलकत्ता', 'ताजमहल', 'खजुराहो', 'मदर टेरेसा' आदि हैं.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु का कहना है "बदलाव ज़िंदगी का हिस्सा है और यह बदलाव हर कला को प्रभावित करता है. बदलाव नई संभावनाएं और अनुभव देता है."

उन्होंने ग्रीनपीस के लिए भोपाल गैस त्रासदी पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई. 1971 में भारत सरकार ने उन्हें 'पद्म श्री' से नवाज़ा. रघु राय को अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु मानते हैं कि अच्छी फ़ोटोग्राफ़ी के लिए दिमाग़ से ज़्यादा दिल से देखने की ज़रुरत होती है.

वह प्रतिष्ठित मैग्नम फ़ोटो कंपनी के लिए चुने गए पहले भारतीय फ़ोटोग्राफ़र हैं.

रघु राय
इमेज कैप्शन, रघु मानते हैं कि किसी भी फ़ोटोग्राफ़र को खोजी होना चाहिए. सिर्फ़ ख़ूबसूरत तस्वीर खींचना ही मक़सद न हो. अगर आपकी खींची तस्वीर विषय की आत्मा को न दिखा पाए, तो बेअसर है.

रघु राय दिल्ली में रहते हैं और आजकल अपनी खींची तस्वीरों की नई किताब पर काम कर रहे हैं.

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