गूगल को चीन का जवाब

चीन ने कहा है कि अगर विदेशी इंटरनेट कंपनियाँ 'क़ानून के दायरे' में रहकर कामकाज करती हैं तो चीन में उनका स्वागत है.
इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल की चीन से कामकाज समेटने की धमकी के बाद चीन सरकार ने पहली बार इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
गूगल ने कहा था कि वो चीन में अपना कामकाज समेट सकती है क्योंकि चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ईमेल कथित तौर पर हैक किए जा रहे हैं.
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जियांग यू ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि चीन में इन्टरनेट 'स्वतंत्र' है.
उन्होंने कहा, "चीन में इंटरनेट 'स्वतंत्र' है और चीन की सरकार इंटरनेट की प्रगति को बढ़ावा देती है. चीन की सरकार भी दूसरे देशों की तरह ही इंटरनेट का कानून के अनुसार ही संचालन करती है."
उधर गूगल ने कहा है कि वो आने वाले हफ़्तों में चीन की सरकार से बातचीत करेगी जिससे चीन में क़ानून के दायरे में रहते हुए बिना किसी रोकटोक के गूगल का सर्च इंजन काम कर सके.
हैकिंग
गूगल ने पिछले दिनों कहा था कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के इमेल एकाउंट चीन से हैक किये जा रहे हैं.
गूगल कंपनी ने चीन सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाए थे लेकिन कहा था कि अब वह सरकार के अनुसार सेंसर करने को तैयार नहीं है.
गूगल और चीन के बीच चल रहे इस विवाद के बीच अमरीकी वाणिज्य मंत्री गैरी लॉक ने कहा था कि चीन को गूगल समेत कई और कंपनियों के लिए एक 'सुरक्षित' कामकाज का वातावरण सुनिश्चित करना होगा.
लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय ने जारी किये गए बयान में साफ़ किया है कि चीन का कानून किसी भी तरह की हैकिंग गतिविधियों को प्रोत्साहन नहीं देता है.
चीन में गूगल
जब गूगल ने 2006 में चीन में अपना सर्च इंजन लांच किया था तब उसने चीन सरकार के कुछ दिशानिर्देशों का पालन करने की हामी भरी थी.
इन हामियों में 1989 के तियानानमेन चौराहे पर हुए विरोध प्रदर्शनों और तिब्बत की स्वाधीनता जैसे विषय में संयम रखना शामिल थे.
चीन के इंटरनेट सर्च बाज़ार में फ़िलहाल गूगल के सर्च इंजन का एक तिहाई हिस्सा है जो कि चीन की सबसे बड़ी इंटरनेट सर्च कंपनी बायडू से बहुत कम है.
चीन में बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ फ़िलहाल ये कह पाना मुश्किल है कि इस नए विवाद का हल किस तरह से हो सकेगा क्योंकि चीन में जहाँ एक तरफ गूगल का मार्केट कम हुआ है वहीं दूसरी तरफ चीन की सरकार इंटरनेट पर अपने नियंत्रण को कम करने के पक्ष में नहीं दिख रही है.
गूगल कंपनी ने चीन में अपना कामकाज चार साल पहले शुरू किया था और उसने चीन की नियंत्रक नीतियों के तहत काम करने की बात स्वीकार की थी.
पर पिछले वर्ष गूगल और चीन की सरकार के बीच संबंध खराब हो गए थे जब चीन ने कंपनी पर अश्लील साहित्य को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था.

























