ओबामा ने रवैया बदलने पर ज़ोर दिया

बराक ओबामा
इमेज कैप्शन, सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य पर संयुक्त राष्ठ्र की शिखर बैठक को बराक ओबामा ने संबोधित किया है.
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अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि दुनिया के देश अगर विकास और सहायता के प्रति अपना रवैया नहीं बदलेंगे तो वे ग़रीबी दूर करने के लक्ष्य से भटक जाएँगे.

न्यू यॉर्क में सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य यानि मिलेनियम डिवेलपमेंट गोल (एमडीजी) पर हो रही शिखर बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विकास सब के लिए एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा होना चाहिए.

ओबामा ने उन देशों के साथ मिलकर काम करने का वचन दिया जो अपने यहाँ से ग़रीबी हटाने के लिए आगे बढ़कर काम करना चाहते हैं.

लेकिन उन्होंने कहा कि अमरीका जिस तरह से विदेशों में आर्थिक सहायता बाँटता है, उस विषय पर उसे सोच समझकर काम करना चाहिए.

ओबामा का कहना था कि ग़रीब देशों की मदद करना अमरीका के राष्ट्र हित में है.

उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की ग़रीबी हटाने में अमरीका अपनी भूमिका निभाएगा लेकिन मिलेनियम डिवेलपमेंट गोल के लक्ष्य पूरे करने के लिए अब सिर्फ़ पाँच साल ही रह गए हैं और इसलिए ज़रूरी है कि पूरा विश्व और बेहतर करे.

मिलेनियम डिवेलपमेंट गोल

मिलेनियम डिवेलपमेंट गोल
इमेज कैप्शन, मिलेनियम डिवेलपमेंट गोल वर्ष 2000 में तय किए गए थे और उनके आठ लक्ष्यों को 2015 तक हासिल करना है.

मिलेनियम डिवेलपमेंट गोल के आठ लक्ष्य हैं और इन्हें वर्ष 2000 में तय किया गया था.

इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और महिलाओं की स्थिति सुधारने के क्षेत्र में काम करना शामिल था.

बराक ओबामा ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक ही चीज़ को एक ही तरीके से करता रहा तो हम विकास के लिए तय किए गए कई लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएँगे.

उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद ग़रीब देशों की मदद करना अमरीका और दूसरे धनी देशों के हित में है.

40 अरब डॉलर की योजना

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने स्वास्थ्य संबंधी 40 अरब डॉलर की एक योजना की शुरूआत की.

महिलाओं और बच्चों पर ख़ास तौर पर केंद्रित इस पहल की घोषणा करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि विकास में महिलाएँ और बच्चे एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

इस योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया जाएगा और इसका उद्देश्य अगले पाँच सालों में एक करोड़ साठ लाख महिलाओं और बच्चों की जिंदगी बचाना है.