सिओल में जी 20 की अहम बैठक शुरू

दक्षिण कोरिया की राजधानी सिओल में दुनिया भर की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था वाले देशों यानी जी-20 के नेताओं की बैठक शुरू हो चुकी है.
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उम्मीद जताई है कि ये सभी देश एक संतुलित विकास कार्यक्रम के लिए एकजुट होंगे.
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने कहा कि यदि संपन्न देशों ने उपभोक्ता वस्तुओं की मांग नहीं तेज़ की तो दुनिया की अर्थव्यवस्था दीवालिएपन की कगार पर पहुंच जाएगी. उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वो एकतरफ़ा फ़ैसलों की ओर कदम नहीं बढ़ाएं.
ये बैठक इन विवादों के बीच हो रही है कि कुछ देश व्यावसायिक लाभ के लिए अपने देशों की मुद्राओं का जानबूझकर अवमूल्यन कर रहे हैं.
इस मामले में चीन और अमरीका सबसे ज़्यादा आलोचना झेल रहे हैं.
अनेक देशों का आरोप है कि चीन ने जानबूझकर निर्यात बढ़ाने के लिए अपनी मुद्रा युआन का अवमूल्यन कर रखा है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बावजूद इसके ये दोनों देश इन आलोचनाओं पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं.
अमरीका आर्थिक सुधारों में तेज़ी लाने के मक़सद से कुछ ऐसी नीतियां बना रहा है तो दूसरी ओर चीन आर्थिक सुधारों के कारण अपने निर्यातकों को नुक़सान के डर से बचाने के लिए ये क़दम उठा रहा है. मतभेद दूर करने की अपील
बैठक शुरू होने से पहले अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दुनिया के नेताओं से अपने मतभेद दरकिनार कर आर्थिक मंदी से लड़ने के लिए एकजुट होने की अपील की.
ओबामा ने कहा है कि अमरीका दुनिया में नई नौकरियां पैदा करने और वैश्विक आर्थिक असंतुलन को कम करने में अपनी भूमिका निभाएगा.
ओबामा ने कहा है कि वे ये सब अकेले नहीं कर पाएंगे.
जी-20 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन के प्रमुख भी हिस्सा ले रहे हैं और इन वित्तीय संस्थानों में बदलाव पर भी चर्चा होगी.
जी-20 देशों की बैठक में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हो रहे हैं.

























