इतिहास के पन्नों से: बांग्लादेश की स्वतंत्रता और मिस्र-इसराइल समझौता
अगर इतिहास के पन्नों में झांके तो 26 मार्च के दिन की कुछ प्रमुख घटनाएँ हैं - बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा, वॉशिंगटन में इसराइल और मिस्र के बीच शांति समझौता और लंडन स्टॉक एक्सचेंज में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति.
1971 : बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा

उस वक़्त के पूर्वी पाकिस्तान के दिग्गज नेता शेख़ मुजीबुर्रहमान को पाकिस्तान ने गिरफ़्तार किया.
लेकिन गिरफ़्तार होने से पहले शेख़ मुजीब ने 'बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा' कर दी.
उन्होंने हर व्यक्ति से अंतिम पाकिस्तानी सैनिक के बांग्लादेश छोड़ने तक लड़ने का आहवान किया.
इस आहवान के बाद नौ महीने तक बांग्लादेश की मुक्ति के लिए संघर्ष चला. 16 दिसंबर 1971 में बांग्लादेश का एक आज़ाद देश के रूप में जन्म हुआ.
1979: इसराइल और मिस्र में शांति समझौता

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आज ही के दिन इसराइल और मिस्र ने तीस साल से युद्धों में उलझे रहने के बाद अमरीकी दखल के कारण एक शांति समझौता पर हस्ताक्षर किए.
अमरीकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर की मौजूदगी में मिस्र के राष्ट्रपति अनवर अल-सदात और इसराइल के प्रधानमंत्री मेनाचेम बेगिन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए.
दोनों नेताओं ने इस समझौते को ऐतिहासिक क़रार दिया.
वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस में हुए समारोह को टीवी पर लाइव दिखाया गया.
लेकिन फलस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन के नेता यासिर अराफ़ात ने पूर्वी बेरुत में एक रैली को बताया कि ये 'नकली शांति' ज़्यादा दिन नहीं चलेगी.
1973: लंदन स्टॉक एक्सचेंज में महिलाओं का प्रवेश

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'लंडन स्टॉक एक्सचेंज' दो सौ साल के इतिहास में पहली बार महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई.
आज पहली बार दस नवनियुक्त महिला सदस्यों ने स्टॉक एक्सचेंज में काम करना शुरू किया.
लंबी चली आ रही परंपरा को तोड़ने और समानता लाने की घोषणा एक फ़रवरी को की गई थी.
वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं ने इसके लिए कई सालों तक अभियान छेड़ा था.
स्टॉक एक्सचेंज की नई सदस्य और इस अभियान से जुड़ी प्रमुख महिला कार्यकर्ता म्यूरिल वूड अपने पति के साथ स्टॉक एक्सचेंज में दाख़िल हुईं.

























