हमास इसराइल युद्धविराम के लिए तैयार

गज़ा पट्टी पर इसराइली हमला
इमेज कैप्शन, पिछले कुछ हफ़्तों में इसराइल ने गज़ा पट्टी पर कई हमले किए हैं. हमास ने भी दक्षिण इसराइल पर क़रीब सौ रॉकेट दाग़े हैं.
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इसराइल और फ़लस्तीनी गुट हमास दोनों ने एक-दूसरे पर हमले करने पर रोक लगाने की इच्छा ज़ाहिर की है. हमास के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वे हालात को और बिगाड़ने के पक्ष में नहीं हैं.

हमास के प्रवक्ता समी अबु ज़ुहरी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "अगर इसराइल आक्रामकता रोकता है तो शांति होना स्वभाविक है. शांति का जवाब शांति से दिया जाएगा."

उधर इसराइल के रक्षामंत्री एहुद बराक ने भी कहा है कि उनका देश युद्धविराम स्वीकार करने के लिए तैयार है बर्शते गज़ा स्थित चरमपंथी अपने हमले रोक दें.

बराक ने कहा, "अगर वो हमपर हमला करना बंद कर दें तो हम भी फ़ायरिंग रोक देंगे."

बराक ने ये पेशकश इसराइली रेडियो पर की. उन्होंने कहा कि अगर हमास फ़ायरिंग रोक दे तो सब शांत हो जाएगा.

बराक ने कहा, "हम रॉकेट हमलों को सहन नहीं कर सकते. ज़मीन पर होने वाला घटनाक्रम हमारी कार्रवाई तय करेगा."

पिछले कुछ हफ़्तों में गज़ा पट्टी में इसराइली वायुसेना के हमलों में क़रीब 20 लोग मारे गए हैं. हमास ने भी इस दौरान दक्षिण इसराइल पर क़रीब सौ रॉकेट हमले किए.

इसराइल और हमास दोनो ही एक दूसरे पर हिंसा के लिए उकसाने का आरोप मढ़ते रहे हैं.

'बच्चों की हत्या सहन नहीं'

इसराइली बस पर हमास का हमला
इमेज कैप्शन, इस बस पर हमले के बाद इसराइल ने गज़ा पट्टी पर हवाई हमले किए.

इसराइल और हमास के बीच हिंसा का ये दौर पिछले हफ़्ते हमास के एक इसराइली बस पर एंटी-टैंक रॉकेट से हमले के बाद शुरू हुआ था.

इस हमले में एक 16 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था. हमले में बस का ड्राइवर भी घायल हुआ था.

इसके बाद गज़ा पट्टी पर हुए इसराइली वायुसेना के हमले में कई आमलोग मारे गए थे.

इसके बाद दोनों पक्षों में बीते दो सालों में सबसे ख़राब दौर शुरू हो गया था.

हिंसा की वजह से इहुल बराक ने अपना वॉशिंगटन दौरा अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया था.

इसराइल ने इस फ़ायरिंग पर कड़ा रुख़ अपनाया था. प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतनयाहू ने बस पर हमलों को 'रेखा को पार' करना बताया था.

नेतनयाहू ने कहा था, "जो भी बच्चों की हत्या करेगा उसे इसका ख़ामियाजा भुगतना पड़ेगा."

शनिवार को इसराइल के एक सुरक्षा अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया था कि उन्हें हमास की राजनीतिक शाखा की ओर से युद्धविराम का संदेश मिला है.