अपहृत जजों को रिहा कराया गया

इमेज स्रोत, BBC World Service
- Author, हफ़ीज़ चाचड़
- पदनाम, बीबीसी हिंदी संवाददाता, इस्लामाबाद
- प्रकाशित
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षाबलों ने उन दो जजों को मुक्त करवा लिया है जिनका 10 दिन पहले अपहरण कर लिया गया था.
सुरक्षाबलों ने ख़ुफिया जानकारी के आधार पर ज़िला जाफ़राबाद के एक इलाक़े में एक घर पर छापा मारा और न्यायाधीश जान मोहम्मद गोहर और न्यायाधीश मोहम्मद अली काकड़ को मुक्त करवा लिया.
ज़िला अधिकारी फ़तेह मोहम्मद ख़जक ने बीबीसी को बताया, "दोनों जज स्वस्थ हैं और पुलिस ने पिछले दस दिनों में 50 से अधिक संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया था जिनसे प्राप्त की गई जानकारी पर ही जजों को रिहा करवाया गया."
फ़तेह मोहम्मद का कहना था कि जब सुरक्षाबलों ने छापे मारे तो उन्हें अपहरण करने वाले वहाँ से भागने में सफल हो गए.
लेकिन जिन लोगों के पहले गिरफ़्तार किया गया था उनसे पूछताछ और दोषियों को खोजने के लिए जाँच जारी है.
कबायली इलाक़ा
ग़ौरतलब है कि 28 फ़रवरी को बलूचिस्तान के नसीराबाद ज़िले में दो जजों का अपहरण हो गया था.
ज़िला अधिकारी फ़तह मोहम्मद ने बीबीसी को बताया था कि जज जान मोहम्मद गोहर और मोहम्मद अली काकड़ ज़िला सिब्बी से ओसता मोहम्मद जा रहे थे जब वे रास्ते में ही लापता हो गए.
दोनों जजों की रिहाई के लिए पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और इसमें अर्धसैनिक बलों की भी मदद ली गई.
ग़ौरतलब है कि नसीराबाद बलूचिस्तान प्रांत का सीमावर्ती ज़िला है और उसके दक्षिण में सिंध प्रांत के ज़िले जेकबाबाद और कशमोर हैं. इन ज़िलों में रहने वाले अधिकतर लोग क़बायली और वहाँ अपहरण की घटनाएँ पहले भी होती रही हैं.
क़रीब एक सप्ताह पहले इसी क्षेत्र में मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के दो वकील सलीम अख़्तर और मोहम्मद ताहिर का अपहरण हो गया था और उनका अभी तक पता नहीं चल सका है.
वकीलों का विरोध
बलूचिस्तान के वकीलों के संगठनों ने जजों के अपहरण के ख़िलाफ़ अदालतों का बहिष्कार किया था और क्वेटा सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे.
वकील नेता बाज़ मोहम्मद काकड़ ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आम आदमी को सुरक्षा प्रदान करने में सरकार की नाकामी की निंदा की थी.
वकील संगठनों ने सरकार को चेतावनी भी दी थी कि यदि दोनों जजों को जल्द रिहा नहीं करवाया गया तो वे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे.

























