'कैरी-लूगर' में परिवर्तन से इनकार

कैरी और लूगर
इमेज कैप्शन, कैरी और लूगर ने मिलकर इस विधेयक को तैयार किया है और वे इसमें तब्दीली के लिए तैयार नहीं हैं
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अमरीका ने साफ़ कर दिया है कि वह कैरी-लूगर विधेयक में कोई परिवर्तन नहीं करेगा, हालांकि उसने यह आश्वासन ज़रुर दिया है कि विधेयक को लोगों को समझाने के लिए विवरण दिए जाएँगे.

अमरीकी सीनेट में विदेशी मामलों की समिति के प्रमुख जॉन कैरी ने कहा है कि अमरीका में इस विधेयक को लेकर कोई मतभेद नहीं हैं.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि यह कहना ग़लत है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली 7.50 अरब डॉलर की सहायता के लिए कोई शर्त लगाई जा रही है.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में कैरी-लूगर विधेयक को लेकर बवाल पैदा हो गया है. पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने और सेना ने इसका विरोध किया है.

यह विधेयक पाकिस्तान को असैनिक कार्यों के लिए मिलने वाली अमरीकी सहायता के नियमन के लिए तैयार किया गया है.

जॉन कैरी ने कहा, "चूंकि पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में इस विधेयक को लेकर शक ज़ाहिर किया गया है, इसलिए इस विधेयक की व्याख्या की जाएगी."

उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को मिलने वाली साढ़े सात अरब डॉलर की सहायता के लिए कोई शर्त नहीं लगाई गई है, अलबत्ता संसद ने अमरीकी प्रशासन के लिए कुछ शर्तें ज़रुर लगाई गई हैं कि वह सुनिश्चित करे कि पैसा उसी काम के लिए खर्च हो रहा है, जिसके लिए संसद ने मंज़ूरी दी है.

उन्होंने कहा, "सैन्य सहायता के रुप में दी जा रही राशि के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं लगाई गई है जो पाकिस्तान के सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों की नीतियों से अलग हों."

शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान में कैरी-लूगर विधेयक पर उभरी चिंता से अमरीकी प्रशासन को अवगत करवाने के लिए वे वहाँ पहुँचे हैं.

उन्होंने कहा कि उन्होंने अमरीकी प्रशासन से स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नही करेगा और न ही वह इस बात की अनुमति देगा कि हर छोटे-छोटे मामलों में अमरीकी दखल हो.

इस विधेयक पर पाकिस्तान की चिंता से अवगत कराने के लिए विदेश मंत्री क़ुरैशी ने पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक और अमरीका के सुरक्षा सलाहकार जेम्स जोन्स से भी मुलाक़ात की है.