एथलेटिक्स में बोल्ट का दबदबा

वर्ष 2009 में एथलेटिक्स की दुनिया में उसैन बोल्ट का ही दबदबा रहा.
एक साल पहले बीजिंग ओलंपिक में अपना जलवा दिखाने वाले बोल्ट एक बार फिर ट्रैक पर बिजली की गति से दौड़े और उनके प्रतिद्वंद्वी उनके पास फटक भी नहीं पाए.
अगस्त में बर्लिन में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में बोल्ट का करिश्मा दिखा. हालाँकि उनके प्रतिद्वंद्वी टाइसन गे ने घोषणा की थी कि वे न सिर्फ़ बोल्ट को मात देंगे बल्कि 100 मीटर दौड़ में रिकॉर्ड भी अपने नाम करेंगे.
लेकिन ऐसा हुआ नहीं, कोई भी बोल्ट के क़रीब न आ सका. 100 मीटर की दौड़ बोल्ट ने रिकॉर्ड 9.58 सेकेंड में पूरी की. टाइसन गे ने यह दूरी 9.71 सेकेंड में पूरी की.
विश्व रिकॉर्ड
बीजिंग ओलंपिक के दौरान बोल्ट ने 200 मीटर में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था और 12 साल से माइकल जॉनसन का रिकॉर्ड तोड़ दिया था.
लेकिन जर्मनी में उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड में सुधार किया और 200 मीटर की दूरी 19.19 सेकेंड में पूरी करके नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया.
4x400 मीटर रिले में बोल्ट अपना पहले का विश्व रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए, जो उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में बनाया था.
बोल्ट ने माना कि वे काफ़ी थक गए थे.
विवाद
क़रीब छह साल तक डोपिंग के कई मामलों के सामने आने से एथलेटिक्स की दुनिया थर्रा उठी थी, लेकिन बोल्ट ने साबित कर दिया कि एथलेटिक्स की दुनिया में सब कुछ गंदा नहीं.

ऐसा नहीं है कि वर्ष 2009 में सिर्फ़ बोल्ट ही छाए रहे. ब्रिटेन की हेप्थेलीट जेसिका एनिस ने वर्ल्ड गोल्ड जीतकर ब्रिटेन के लिए नई उम्मीद क़ायम की.
लेकिन दक्षिण अफ़्रीका की कैस्टर सेमेन्या को लेकर काफ़ी विवाद भी हुआ. सेमेन्या ने बर्लिन में 800 मीटर की दौड़ में गोल्ड जीता था.
सेमेन्या का लिंग परीक्षण कराया गया. लेकिन अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स फ़ेडरेशन का कहना है कि टेस्ट अभी पूरा नहीं हुआ है और इसके बाद ही कुछ घोषणा की जाएगी.

























