इंग्लैंड टी-20 के फ़ाइनल में

वेस्टइंडीज़ में चल रहे ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता के सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड ने श्रीलंका को सात विकेट से हरा दिया है.
इस तरह इंग्लैंड की टीम फ़ाइनल में पहुँच गई है. वर्ष 2004 के बाद पहली बार इंग्लैंड की टीम किसी आईसीसी प्रतियोगिता के फ़ाइनल तक पहुँची है.
श्रीलंका की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट गँवाकर सिर्फ़ 128 रन जुटाए.
इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने सिर्फ़ 16 ओवरों में तीन विकेट गँवाकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया.
दूसरा सेमीफ़ाइनल शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है.
फ़ाइनल मैच रविवार को होना है.
श्रीलंका की पारी
एंजेलो मैथ्यूज़ अकेले श्रीलंकाई खिलाड़ी रहे जिन्होंने 58 रनों की पारी खेली.
शेष बल्लेबाज़ों को इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने सस्ते में ही निपटा दिया.
जयसूर्या सिर्फ़ एक रन बनाकर वापस पैवेलियन लौट गए तो दिलशान नौ रन बनाकर आउट हो गए.
जयवर्धने ने 10, संगकारा और कप्पूगदेरा ने 16-16 रन बनाए.
इंग्लैंड की ओर से स्टुअर्ट ब्रॉड ने चार ओवरों में 21 रन देकर दो विकेट झटके.
श्रीलंका की टीम इतने दवाब में खेल रही थी कि आख़िरी के दो ओवरों में एक बार भी गेंद बाउंड्री के बाहर नहीं गई.
आसान जवाब
इंग्लैंड के ओपनरों ने दो जीवनदानों के साथ शुरुआत की.
इसमें एक तो अंपायर की एक चूक का योगदान रहा क्योंकि अगर मैथ्यूज़ की अपील ख़ारिज न हुई होती तो कीस्वेटर 16 रन के निजी स्कोर पर पेवेलियन लौट चुके होते.
मिडिल स्टंप पर जाती गेंद उनके पैर से लगकर चार रनों के लिए चली गई और अंपायर ने उन्हें आउट देने से इनकार कर दिया. इसके बाद उन्होंने टीम के लिए 39 रन जोड़े.
इसके बाद लंब को एक जीवन दान मिला जब वो 11 रनों के स्कोर पर थे और रन आउट हो सकते थे लेकिन अंजता मेंडिस ने मलिंगा के थ्रो को संभालने में गड़बड़ कर दी और लंब 33 रनों की पारी खेल गए.
इंग्लैंड की ओर से सबसे अच्छी पारी पीटरसन ने खेली. तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से उन्होंने 42 रन बनाए.
कप्तान कॉलिंगवुड सिर्फ़ 10 रनों की पारी खेलकर पैवेलियन वापस लौट गए.
श्रीलंका की ओर से परेरा को दो विकेट हासिल हुए जबकि एक विकेट मलिंगा ने लिया.

























